कव्वाली – ताजवाले ताजवाले लिरिक्स Baba Tajuddin | Tajwale | Dilshad Irshad Sabri

ताजवाले ताजवाले लिरिक्स
चर्चे जहां में आम है
सरकार ताज के
सब शहनशाह गुलाम है
सरकार ताज के
तेरा दरबार हसी
तू सखी बने सखी
तेरा दरबार हसी
तू सखी बने सखी
रंग है तेरे निराले
ताज वाले ताज वाले
ताज वाले ताज वाले
कहते हैं तेरी बज्म सजाकर
सब कुछ मिलेगा
तुझ पर लुटाकर
वो नहीं रोता कभी
वो नहीं रोता कभी
उसके घर खुशियां सभी
वो नहीं रोता कभी
उसके के घर खुशियां सभी
तेरी महफिल जो सजा ले
ताज वाले ताज वाले
ताज वाले ताज वाले
तू ताज पिया सुल्तान है
तेरी कैसी निराली शान है
तुझ पे सब कुछ कुर्बान है
तू नागपुर की शान है
तेरा सबके लिए फैजान है
जो ना माने तुझे नादान है
तू दीवानों की जान है
तू ताज पिया सुल्तान है
उन पे करम है
शाह हे जमन के
जो हैं तेरे वो हैं
पंजे तन के
जो है तेरे वो हैं
पंजे तन के
शान उनकी है जुदा
उनको चाहता है खुदा
के शान उनकी है जुदा
उनको चाहता है खुदा
जो तेरे चाहने वाले
ताज वाले ताज वाले
ताज वाले ताज वाले
की जो तेरी चौखट की गदाई
हमने अली की खैरात पाई
हमने अली की खैरात पाई
क्यों ना फिर दिल में जले
तेरी उल्फत के दिए
क्यों ना फिर दिल में जले
तेरी-तेरी उल्फत के दिए
तूने बख्शे हैं उजाले
ताज वाले ताज वाले ताज वाले
तुझसे लगन लागी
हर नाता तोड़ा
तेरे लिए मैंने है सबको छोड़ा
तेरे लिए मैंने सबको छोड़ा
तेरी जोगन में बनी
है मेरे लब पे यही
तू मुझे अपना बना ले
ताज वाले ताज वाले
ताज वाले ताज वाले
ताज वाले ताज वाले
ताज वाले ताज वाले